भूतिया गांव (कुलधरा ) Bhutiya Gaon Kuldhra

 

आज इस पोस्ट में हम बात कर रहे है एक ऐसे भूतिया गांव (कुलधरा ) Bhutiya Gaon Kuldhra   गांव की जहाँ लोग जाने से कतराते है साम ढलने के बाद इंसान तो इंसान पंछी भी वहाँ जाने से डरते है , शाम ढलने के बाद इस गांव में जो भी गया वो हादसे का शिकार हो गया,हम बात कर रहे है भूतिया गांव, श्रापित गांव, कुलधरा की आइये जानते है इस गांव के बारे में |

19 शताब्दी का उजड़ा गांव कुलधरा

राजस्थान के जैसलमेर जिले में 19 शताब्दी का उजड़ा गांव कुलधरा बता दें कि कुलधरा गाँव मूल रूप से ब्राह्मणों द्वारा बसाया गया था जो पाली क्षेत्र से जैसलमेर चले गए थे और कुलधरा गाँव जाकर बस गए थे। इस गाँव की पुस्तकों और साहित्यिक लेखों में बताया गया है कि कधान नामक पाली के एक ब्राह्मण ने इस जगह पर अपना घर बनाया था और यहाँ एक तालाब खोदकर इसका नाम उधासर रखा। पाली ब्राह्मणों को पालीवाल कहते थे और यहीं से उनके वंश का नाम आता है।

 

 

शिलालेख और नक्काशी पाए गए

कुलधरा गाँव में कई ऐसे शिलालेख और नक्काशी पाए गए, जिसमें से कई ने कुलधरा का ब्राह्मण जाति के निवास के रूप में उल्लेख किया है। कई इतिहासकारों और अन्य विद्वानों का मानना है कि कुलधरा में पालीवाल ब्राह्मणों के निवास की वजह से उनकी जाति से इस गाँव का नाम पड़ा है।

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कुलधरा एक श्रापित गांव है

19 शताब्दी में ये गांव आबाद था यहां के लोग अच्छे किसान और व्यापारी थे कुलधरा राजस्थान के जैसलमेर जिले में है कुलधरा एक श्रापित गांव है कुलधरा पालीवाल ब्राह्मणो का गांव था एक दिन इस गांव की किसी की नजर लग गयी , और ये गांव जेसलेमर के राजा के दीवान सलीम सिंह के कारण ये गांव रातोरात खाली हो गया स्लिम सिंह बड़ा ही नीच परवर्ती का आदमी था सलीम सिंह की नजर एक दिन कुलधरा के मुखिया ब्राह्मण की बेटी पर पड़ी जो बहुत ही सुंदर थी और सलीम सिंह ने उससे विवाह करने की जिद की इस विवाह से ब्राह्मण परिवार राजी नहीं था अंतर जातीय विवाह का प्रस्ताव स्वीकार न करने पर स्लिम सिंह में उस लड़की को जबरन उठाने व गांव पर अधिक कर भार लगाने की धमकी दी

एक रात में खाली किये 84 गांव

जिससे परेशान होकर आस पास के 84 गावो के मुखिया को एकत्रित किया गया, व् एक सभा बुलाई गई तथा इस सलीम सिंह की धमकी की बात सब के सामने रखी गयी क्योकि ये बात एक गांव की बेटी कुवारी कन्या के सम्म्मान और आत्मसम्मान की थी इस कारण सब को इकठा किया गया और अंतिम फैसला लिया कि वो इस 84 गावो की रियासत को छोड़ कर चले जायेंगे जाते जाते कुलधरा को श्राप दे गए कि यह गांव कभी आबाद नही होगा, ना ही इस गांव में कोई बस पायेगा जो भी इस गांव में बसेगा या यहाँ की वस्तु का भोग उपभोग करेगा व उजड़ जायेगा उसका विनाश हो जायेगा दुखी व् हतास मन से दिया गया श्राप आज भी कायम है तथा साथ ही सलीम सिह भी कभी आबाद नही होगा यह श्राप दिया गया , व् इस गांव के लोग कुछ सामान अपने साथ ले ग्ये और कुछ गांव में छोड़ गए

 

भूतिया गांव (कुलधरा ) Bhutiya Gaon Kuldhra

कुलधरा(Kuldhara) गांव पिछले 170 सालों से वीरान पड़ा हैं। कुलधरा(Kuldhara) गाँव के हज़ारों लोग एक ही रात मे इस गांव को खाली कर के चले गए थे और जाते जाते श्राप दे गए थे कि यहाँ फिर कभी कोई नहीं बस पायेगा। तब से गाँव वीरान पड़ा हैं।कहा जाता है कि यह गांव रूहानी ताकतों के कब्जे में हैं, कभी एक हंसता खेलता यह गांव आज एक खंडहर में तब्दील हो चुका है| टूरिस्ट प्लेस में बदल चुके कुलधरा गांव घूमने आने वालों के मुताबिक यहां रहने वाले पालीवाल ब्राह्मणों की आहट आज भी सुनाई देती है।

 

चूडिय़ों और पायलों की आवाज हमेशा ही वहां के माहौल को भयावह बनाते हैं

उन्हें वहां हरपल ऐसा अनुभव होता है कि कोई आसपास चल रहा है। बाजार के चहल-पहल की आवाजें आती हैं, महिलाओं के बात करने उनकी चूडिय़ों और पायलों की आवाज हमेशा ही वहां के माहौल को भयावह बनाते हैं। प्रशासन ने इस गांव की सरहद पर एक फाटक बनवा दिया है जिसके पार दिन में तो सैलानी घूमने आते रहते हैं लेकिन रात में इस फाटक को पार करने की कोई हिम्मत नहीं करता हैं। नॉट यह कहानी हमने इतिहास के अलग अलग पुस्तको के वर्णन के आधार पर बताई है

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